मुझ पे भी चश्मे करम ए मेरे आका करना

मुझ पे भी चश्मे करम ए मेरे आका करना हक तो मेरा भी है रेहमत का तकाजा करना मैं के जर्रा हूं मुझे वुसअते सहरा दे दे के तेरे बस में है कतरे को भी दरिया करना मैं हूं बेकस है तेरा काम सहारा देना मैं हूं बीमार तेरा काम है अच्छा करना चांद की … Read more

मुनव्वर मेरी आंखों को मेरे शमसुद्दूहा करदे

मुनव्वर मेरी आंखों को मेरे शमसुद्दूहा करदे गमों की धूप में वह सायाए ज़ुल्फे दुता कर दे जहां बानी अता करदे भरी जन्नत हीपा कर दे नबी मुख्तार कुल है जिसको जो चाहे अता करदे जहां में उनकी चलती है वह दम में क्या से क्या कर दे ज़मी को आसमा कर दे सुरैया को … Read more

बेहरे दीदार मुश्ताक है हर नज़र

बेहरे दीदार मुश्ताक है हर नज़र दोनों आलम के सरकार आजाइए चांदनी रात है और पिछला पहर दोनों आलम के सरकार आजाइए सामने जल्वागर पे करे नूर हो मुन्किरो का भी सरकार शक दूर हो करके तब्दील एक दिन लिबास से बशर दोनों आलम के सरकार आजाइए सिद्रतुल मुंतहा अर्श बागे इरम हर जगह पड … Read more

अजब रंग पर है बहारे मदीना

मदीना मदीना अजब रंग पर है बहारे मदीना के सब जन्नते है निसारे मदीना सरकार का मदीना (2) मैं पहले पहल जब मदीने गया था तो थी दिल की हालत तड़प जाने वाली वो दरबार सचमुच मेरे सामने था अभी तक तसव्वूर था जिसका खयाली मैं एक हाथ से दिल संभाले हुए था तो थी … Read more

बहारे जा फिजा तुम हो नसीमें दिल सीता तुम हो

बहारे जा फिजा तुम हो नसीमें दिल सीता तुम हो बहारे बागे बागे रिज़वा तुम से हे ज़ेदे जीना तुम हो हकीकत से तुम्हारे जुज़ खुदा और कौन वाकिफ है कहे तो क्या कहे कोई चुनी तुम हो चुना तुम हो खुदा की सल्तनत का दो जहां में कौन दूल्हा है तुम ही तुम हो … Read more

ज़मीं मैली नहीं होती , ज़मन मैला नहीं होता

ज़मीं मैली नहीं होती , ज़मन मैला नहीं होता मुहम्मद के गुलामो का , क़फ़न मैला नहीं होता मोहब्बत कमली वाले से , वो जज़्बा है सुनो लोगो ये जिस मन मैं समां जाये , वो मन मैला नहीं होता नबी के पाक लंगर पर , जो पलते है कभी उनकी जुबा मैली नहीं होती … Read more

अपने दामाने शफाअत में छुपाए रखना

अपने दामाने शफाअत में छुपाए रखना मेरे सरकार मेरी बात बनाए रखना मैंने माना के निकम्मा हु मगर आपका हु मुझ निकम्मे को भी सरकार निभाए रखना किसी मन सबका तलबगार ना दुनिया का खाक हूं मैं मुझे कदमों से लगाए रखना आपकी याद से आबाद है दिल मेरा हुजूर बंदा परवर मेरी हस्ती को … Read more

जब तक जियु मैं आपका कोई गम न पास आए

जब तक जियु मैं आपका कोई गम न पास आए जो मरो तो हो लहद पर तेरी रहमतों के साए मेरी जिंदगी का मकसद हो ऐ काश इश्के अहमद मुझे मौत भी जो आए इसी जुस्तजू में आए मुझे मौत जिंदगी दे मुझे जिंदगी मजा दे जो किताबे जिंदगी पर मोहर अपनी वह लगाए वह … Read more

कुछ ऐसा करदे मेरे किरदगार आंखों में

कुछ ऐसा करदे मेरे किरदगार आंखों में हमेशा नक्स रहे रुए यार आंखों में उन्हें ना देखा तो किस काम की है ये आंखें की देखने की है सारी बाहर आंखों में नजर में कैसे समाएगे फूल जन्नत के कि बस चुके हैं मदीने के खार आंखों में वो नूर दे मेरे परवरदिगार आंखों में … Read more

बड़े लतीफ हे नाजुक से घर में रहते हैं

बड़े लतीफ हे नाजुक से घर में रहते हैं मेरे हुजूर मेरी चश्मे तर में रहते हैं हमारे दिल में हमारे जिगर में रहते हैं उन्हीं का घर है ये वह अपने घर में रहते हैं यकीं वाले कहां से चले कहां पहुंचे जो अहले शक है अगर मैं मगर में रहते हैं खुदा के … Read more