दरे नबी पर ये उमर बीते

दरे नबी पर ये उमर बीते हो हम पे लूतफे दवाम ऐसा मदीने वाले कहे मकानी हो उनके दर पर कयाम ऐसा यह रिफ्अते जिक्र ए मुस्तफा है नहीं किसी का मकाम ऐसा जो बाद जिक्रे खुदा है अफजल है जिक्रे खैरुल अनाम ऐसा जो गमजदो को गले लगा ले बुरो को दामन में जो … Read more

दाग़े फुरक़ते तैयबा क़ल्ब मुज़ मईल जाता

दाग़े फुरक़ते तैयबा क़ल्ब मुज़ मईल जाता काश गुम्बदे खज़रा देखने को मिला जाता मेरा दम निकल जाता उन्के आस्ताने पर अनके आस्ताने की खाक में मैं मिल जाता मेरे दिल से धुल जाता दागे फुरकते तैयबा तैबा मैं फना हो कर तैबा मैं ही मिल जाता मौत लेके आ जाती ज़िंदगी मदीने में मौत … Read more

जो हो चुका हे जो होगा हुजूर जानते हैं

जो हो चुका हे जो होगा हुजूर जानते हैं तेरी अता से खुदाया हुजूर जानते हैं वो मोमिनो कीतो जानो से भी करीब हुए कहा से किसने पुकारा हुजूर जानते हैं बरोज़े हश्र शफाअत करेगे चुन चुन कर हर एक गुलाम का चेहरा हुजूर जानते हैं पहुंच के सिदरा पे रुहुल अमीन यह बोले के … Read more

मेरी बात बन गई है तेरी बात करते करते

मेरी बात बन गई है तेरी बात करते करते तेरे शहर में मैं आऊ तेरी नात पढ़ते पढ़ते तेरे इश्क की बदौलत मुझे जिंदगी मिली है मेरे पास भी है आई मेरी मौत डरते डरते मेरी बात बन गई है तेरी बात करते करते 2 किसी चीज की तलब है ना ही आरजू भी कोई … Read more

बे खुद किये देते है , अंदाज़े हिजाबाना

बे खुद किये देते है , अंदाज़े हिजाबाना आ दिल में तुझे रखलू , ऐ जलवा ए जानाना क्यों आँख मिलाई थी , क्यों आग लगाई थी अब रुख को छुपा बैठे , करके मुझे दीवाना जी चाहता है तौहफे मैं , भेजू मैं उन्हें आँखे के दर्शन का तो दर्शन हो , नज़राने का … Read more

जबी मेरी हो संगे दर तुम्हारा या रसूलल्लाह

जबी मेरी हो संगे दर तुम्हारा या रसूलल्लाह याहि हे एक जीने का सहारा या रसूलल्लाह तुम ही हो बे सहारो का सहारा या रसूलल्लाह तुम्ही को हर दुखी दिल ने पुकारा य रसूलल्लाह बरोज़े हश्र मेरे इस यकी, न की लाज रख लेना तुम्हार हू तूम्हारा हु तुम्हरा या रसूलल्लाह गुलामाने नबी यू हशर … Read more

ग़म सभी राहतो तसकीन में ढल जाते हैं

ग़म सभी राहतो तसकीन में ढल जाते हैं जब करम होता हे हालात बदल जाते हैं उनकी रेह़मत हे खतापोश गुनाह गारो की खोते सिक्के सरें बाज़ार भी चल जाते हैं इसमें रेहमत का वज़ीफा हे हर एक ग़म का इलाज लाख खतरे हो इसी नाम से टल जाते हैं अपनी आग़ोश में ले लेता … Read more

क्यु कर न मेरे दिल में हो उल्फत रसूल की

क्यु कर न मेरे दिल में हो उल्फत रसूल की जन्नत में ले के जाएगी चाहत रसूल की चलता हु मै भी काफिले वालो रुको ज़रा मिलने दो बस मुझे भी इजाज़त रसूल की पूछे जो दीनो ईमान नकीरेंन क़ब्र में उस वक़्त मेरे लैब पे हो मिदहत रसूल की तड़पा के उनके क़दमो में … Read more

कोई सलीका है आरजू का

कोई सलीका है आरजू का ना बंदगी मेरी बंदगी है ये सब तुम्हारा करम है आक़ा के बात अबतक बानी हुई है किसी का एहसान क्यों उठाये किसी को हालात क्यों बताये तुम्ही से मांगे गे तुम ही दो गे तुम्हारे दर से ही लौ लगी है अता किया मुझको दर्दे उल्फत कहा थी ये … Read more

ग़म सभी राहतो तसकीन में ढल जाते हैं

ग़म सभी राहतो तसकीन में ढल जाते हैं जब करम होता हे हालात बदल जाते हैं उनकी रेह़मत हे खतापोश गुनाह गारो की खोते सिक्के सरें बाज़ार भी चल जाते हैं इसमें रेहमत का वज़ीफा हे हर एक ग़म का इलाज लाख खतरे हो इसी नाम से टल जाते हैं अपनी आग़ोश में ले लेता … Read more